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पूर्व वायुसेना कर्मी ने 21 वर्षों से न्याय से वंचित किए जाने का लगाया आरोप
मात्र 15 मिनट की निष्पक्ष जाँच से खुल सकता है पूरा सच , हाईकोर्ट जाने पर चेतावनी पत्र

- भारतीय वायु सेना पूर्व कार्मिक मेघ सिंह भाटी ( संख्या 819444-T, यूनिट 2252 ) 32 विंग वायु सेना स्टेशन जोधपुर
यह मामला सैनिकों के अधिकार और सिस्टम की जवाबदेही से जुड़ा है। भारतीय वायु सेना के पूर्व कार्मिक मेघ सिंह भाटी ( सेवा संख्या 819444-T, यूनिट 2252 स्क्वाड्रन, 32 विंग वायु सेना स्टेशन जोधपुर ) ने वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों पर लंबे समय से आर्थिक शोषण, मानसिक उत्पीड़न और नियमविरुद्ध दंड देने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ईमानदारी से ₹4,55,000/- की राशि लौटाने के बावजूद उन्हें वेतन, भत्तों और शिक्षा सहायता से वंचित किया गया। - मुख्य आरोप: वर्ष 2004 से वेतन-भत्ते रोके गए 2011 से बच्चियों का शिक्षा भत्ता बंद, पोस्टिंग क्लेम का भुगतान नहीं सेवा रिकॉर्ड की लेखाबंदी (Final Settlement) आज तक नहीं नियम विरुद्ध जेल की सज़ाएँ, बाद में एक्सपोज हाईकोर्ट जाने पर चेतावनी
- परिवार पर असर:
मेघ सिंहभाटी ने कहा कि इस कथित प्रताड़ना के कारण उनका परिवार दो दशकों से आर्थिक और सामाजिक संकट झेल रहा है। बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर गहरा असर पड़ा है। - अपील:
उन्होंने प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से अपील की है कि केवल 15 मिनट की निष्पक्ष जाँच से सच्चाई सामने आ जाएगी। मांगें:32 विंग वायु सेना स्टेशन जोधपुर में निष्पक्ष जाँच समिति का गठन रोके गए वेतन, शिक्षा भत्ता और पोस्टिंग क्लेम का भुगतानसेवा रिकॉर्ड की तत्काल लेखाबंदी दोषी अधिकारियों पर कानूनी व विभागीय कार्यवाही - निष्कर्ष:
यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सैनिकों के अधिकार और सिस्टम की जवाबदेही से जुड़ा है। यदि समय रहते जाँच नहीं हुई, तो यह मानवाधिकार और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।




