
धीरेंद्र शास्त्री के शिवाजी महाराज पर दिए गए विवादित बयान ने महाराष्ट्र में बवाल खड़ा कर दिया है। अभिनेता रितेश देशमुख ने इसे “बकवास” बताते हुए कहा कि शिवाजी महाराज की विरासत को नीचा दिखाने की कोशिशें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी भी मांगी।
रितेश देशमुख जल्द ही अपनी ऐतिहासिक फिल्म “राजा शिवाजी” रिलीज करने वाले हैं फिल्म में वे खुद छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं।विद्या बालन, जेनेलिया, अभिषेक बच्चन और संजय दत्त जैसे कलाकार भी इसमें शामिल हैं।इस कारण बयान का असर और गहरा हुआ क्योंकि रितेश खुद महाराज के जीवन और विरासत को बड़े परदे पर प्रस्तुत कर रहे हैं।
क्या था धीरेंद्र शास्त्री का बयान?
छत्रपति शिवाजी महाराज युद्ध लड़ते-लड़ते बहुत थक गए थे। एक दिन वे समर्थ गुरु रामदास स्वामी के पास गए। उन्होंने अपना मुकुट उतारकर उनके चरणों में रख दिया और कहा, ‘मैं अब युद्ध नहीं लड़ना चाहता। आप इस मुकुट को संभाल लीजिए, इस राज्य को देख लीजिए।
धीरेंद्र शास्त्री की इस कहानी से बवाल मच गया। बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और महाराष्ट्र में आक्रोश की लहर दौड़ गई।
रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया: महाराष्ट्र में इस बयान को लेकर तीखी आलोचना हुई और इसे महाराज की छवि को धूमिल करने का प्रयास माना गया। सोशल मीडिया पर मराठी में लिखा कि “शिवाजी महाराज की विरासत को कमतर दिखाने की ऐसी बेकार कोशिशें बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।”उन्होंने इसे “विकृत बकवास” कहा और शिवभक्त होने के नाते इसे अस्वीकार्य बताया।
धीरेंद्र शास्त्री की सफाई
विवाद बढ़ने पर उन्होंने माफी मांग ली और कहा कि उनका उद्देश्य महाराज का अपमान करना नहीं था।
मुख्य बिंदु
- धीरेंद्र शास्त्री का दावा: शिवाजी महाराज युद्ध से थक गए थे और सत्ता रामदास स्वामी को सौंपना चाहते थे।
- रितेश देशमुख का जवाब: इसे “बकवास” करार दिया और कहा कि शिवाजी महाराज की विरासत अमर है।
- फिल्मी संदर्भ: रितेश की फिल्म “राजा शिवाजी” रिलीज से पहले यह विवाद और चर्चा का विषय बन गया।




